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Dr. Yogesh Vyas

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Types Of Services Provided By Dr. Yogesh Vyas in Jaipur, Rajsthan

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ऑफिस का वास्तु (Office Ka Vstu)-

अपने कार्यस्थल पर वास्तुशास्त्र के नियमों का पालन करने से व्यवसाय में उन्नति, सौभाग्य और समृद्धि देखने को मिलती है, इसीलिए आज वास्तु के नियमों को बेहद प्रधानता दी जा रही है। व्यक्ति का ऑफिस में ही जीवन का बडा हिस्सा गुजरता है इसीलिए आपके ऑफिस का वास्तु भी बहुत खास होना चाहिए। सरकारी एवं निजी कार्यालयों के रख-रखाव, साज-सज्जा, वहां के कर्मचारियों का व्यवहार, कार्यकुशलता आदि में बहुत अंतर देखने को मिलता है ! इसका एक बड़ा कारण इन दोनों कार्यालयों के द्वारा वास्तु के सिद्धांतों के पालन का प्रतिशत भी हो सकता है !

पहले तो व्यवसाय में तरक्की के लिए आपकी कुंडली में द्वितीय, नवम, दशम व एकादश भाव का मजबूत होना आवश्यक है, इसके बाद वास्तु के अनुसार ऑफिस की बिल्डिंग के लिए उसका प्लॉट चौकोर या आयताकार होना लाभकारी होता है ! कार्यालय या ओफिस में आगन्तुको की कुर्सीयो से अपनी कुर्सी कुछ उंची रखे । वास्तु के अनुसार ऑफिस का प्रवेश द्वार पूर्व या उत्तर दिशा में रखना अच्छा माना जाता है। ऑफिस में किचन, पेंट्री या कैंटीन को दक्षिण-पूर्व यानि आग्नेय कोण में बनाना अच्छा माना जाता है। ऑफिस में फ़ाइल की अलमारी दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही होनी चाहिए ! ऑफिस की दीवारों का रंग, परदे, टेबल क्लॉथ सब हलके रंग के हों ! ऑफिस में डार्क कलर करने से वहा काम करने वाले कर्मचारियों में आपसी मनमुटाव देखने को सकता है! ऑफिस में हिंसक पशु-पक्षी की मूर्ती या फोटो एवं उदासी भरे या रोते हुए चेहरे या फिर डूबता सूरज या डूबते जहाज की फोटो लगना भी शुभ फलदायी नहीं माना जाता । यदि ऑफिस में ही शौचालय बनाना हो तो इसको ऑफिस के उत्तर-पश्चिम में बनाये ! यदि गलती से शौचालय ऑफिस के उत्तर-पूर्व में हो तो वहां एक हस्त निर्मित रत्न जड़ित ईशान दोष निवारक यंत्र अवश्य लगायें। ऑफिस के ब्रह्मस्थान में कोई बीम या दीवार नहीं होनी चाहिए! ध्यान रखें कि ईशान-कोण में कोई Store Room भी नहीं होना चाहिए !

बॉस या मालिक की कुंडली में बुध व शुक्र की केंद्र व त्रिकोण में युति या मजबूत स्थिति भी व्यापार वृद्धि में चमत्कारिक भूमिका निभाती है। ऑफिस में सकारात्मक ऊर्जा के निरंतर प्रवाह के लिए संपूर्ण हस्त निर्मित व आठों दिशाओं के स्वामी ग्रह के रत्नों से युक्त संपूर्ण वास्तु यंत्र को अपने ऑफिस में आपको अवश्य ही लगाना चाहिए ! इसी प्रकार से ऑफिस के प्रवेश द्वार के बाहर नेचुरल प्लांट लगाना भी शुभ माना जाता है ! ऑफिस के दक्षिण-पश्चिम कोण के केबिन में बैठते समय बॉस का चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए ! बास चेयर के पीछे हमेशा सॉलिड दीवार होनी चाहिये और बॉस किसी भी बीम के नीचे ना बैठे ! यदि आपका ऑफिस उत्तर या पूर्व facing न हो तो वहाँ हस्त निर्मित गुरु या शुक्र का यन्त्र लगाकर ऑफिस का वास्तु अवश्य ही ठीक करें। इस प्रकार वास्तु के नियमों का पालन करते हुए आप भी अपने ऑफिस के माध्यम से जीवन में उन्नति प्राप्त कर सकते हैं।

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