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Dr. Yogesh Vyas

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नववर्ष 2022 और भारत

नव वर्ष 2022 का प्रारम्भ कन्या लग्न और वृश्चिक राशि में हो रहा है। वर्ष 2022 के प्रारम्भ में कुण्डली के पराक्रम-भाव में तीन बड़े ग्रहों के स्थित होने के कारण यह वर्ष कामगारों और पुरुषार्थी लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। 2022 के प्रारम्भ होने पर बनने वाली कुण्डली में भाग्येश व धनेश शुक्र ग्रह सूर्य के साथ केन्द्र में स्थित होकर दशम भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं और इसी प्रकार से दशमेश व लग्नेश बुध पंचमेश व मित्र ग्रह शनि के साथ में पंचम भावस्थ होकर के लाभ स्थान को पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं। ये दोनों ही स्थितियां वर्ष 2022 को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनायेंगी और कोरोना के कारण जो व्यवस्थायें बिगड़ी हैं, उनमें इस वर्ष अच्छा सुधार होने की पूरी उम्मीद है। इन ग्रह योगों से पूरी दुनिया भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को देखेगी। 2022 में अमरीका, चीन, जापान व रूस आदि विकसित देशों की तरह ही भारत की जीडीपी भी मजबूत स्थिति में आकर खड़ी होगी।

वर्ष 2022 में शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और उनके पढ़ाई के रूटीन में सुधार होने की पूरी उम्मीद है परन्तु बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए विशेष ध्यान देना होगा।

अब भारतवर्ष की कुंडली की बात करें तो भारत को 15 अगस्त, 1947 की रात में 12 बजे आजादी मिली थी। भारत की कुंडली वृष लग्न की है। इसके लग्न में राहु और सप्तम-भाव में केतु है। कुंडली के पराक्रम भाव में कर्क राशि में चंद्रमा भी बुध, शनि, शुक्र व सूर्य ग्रह के साथ विद्यमान होकर पन्चग्रही योग का निर्माण कर रहा है। भारत की कुंडली में शुक्र व शनि ग्रह अस्त हुए हैं और मंगल अपने शत्रु बुध की राशि में धन स्थान में बैठा हुआ है। कुंडली के अनुसार भारत के स्वभाव और प्रकृति की बात करें तो भारत का लग्नेश शुक्र व राशीष चंद्रमा दोनों ही सौम्य ग्रह हैं। इसी कारण भारत का स्वभाव शान्त और क्षमाशील है लेकिन, अति हो जाने पर यही भारत अपनी कुंडली के पराक्रम भाव में बन रहे पन्चग्रही योग के कारण अपने विरोधियों को जवाब भी पूर्ण दृढ़ता और विश्वास के साथ देता है।

2022 में ग्रहों का सरकार को साथ मिलेगा, भाग्य सरकार का सहायक होगा। 2022 में वायरस से लडऩे के लिए कई दवाइयां बाजार में उतारी जाएंगी और उनके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देंगे। 2022 में विदेशी सम्बन्धों, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार और व्यापारिक सौदों के सम्बन्ध में भी भारत को लाभ होने की प्रबल सम्भावना दिखती है। इस वर्ष सरकार स्वास्थ्य से सम्बन्धित नई योजनाएं भी जनता को सौगात में दे सकती हैं। प्रशासन में काफी सुधार दिखाई देगा ! 2022 में कुछ नकारात्मक भी है, इसकी वजह है कि इस साल की शुरुआत में ही कालसर्प योग बन रहा है ! राहु का मुख भाग्य स्थान में है तथा चन्द्रमा की मंगल व केतु के साथ पराक्रम भाव में युति हो रही है। इसके साथ ही व्ययेश सूर्य भाग्येश शुक्र से युति कर रहा है। इन ग्रह स्थितियों के कारण देश व दुनिया में कुछ हालात नाजुक व चिन्ताजनक हो सकते हैं। भारी बारिश, बाढ़, भूकम्प या फिर सुनामी जैसी किसी स्थिति से जनता को नुकसान होने की सम्भावना बनती है। महंगाई भी कुछ बढ़ती दिखेगी और देश-विदेश में न्यायालयों को भी सरकार के कुछ फैसलों में हस्तक्षेप करना पड़ेगा। केतु की युतियों व राहु की दृष्टि के कारण अभी कुछ नये षड्यन्त्र व आन्दोलन भी देखने को मिल सकते हैं, जिससे पूर्ण शांति नहीं मिलेगी।


फिर भी वर्ष 2022 में विज्ञान व शोध में अच्छी खबरें आयेंगी, वैक्सीन में अच्छी उपलब्धि से भारत की साख पूरे विश्व में बढ़ेगी। आर्थिक क्षेत्र में काफी सुधार होगा, भारतीय मूल के नागरिक कई देशों में उच्च पदों पर स्थापित होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी, साफ्टवेयर, कम्यूनिकेशन व ट्रांसपोर्ट आदि में वर्ष 2022 में सकारात्मक परिणाम आयेंगे और भारत कई देशों का मार्गदर्शक भी बनेगा।

डॉ योगेश व्यास, ज्योतिषाचार्य, टापर,
मानसरोवर, जयपुर।
नेट ( साहित्य एवं ज्योतिष ),
पीएच.डी (ज्योतिषशास्त्र) ।।
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डॉ योगेश व्यास
ज्योतिषाचार्य (टॉपर),
नेट (साहित्य एवं ज्योतिष)
पीएच.डी(ज्योतिषशास्त्र)।।

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